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Cabinet  approves revival package of BSNL amounting to Rs 1.64 Lakh Cr.

News Source: Press Information Bureau Govt. of India

Posted On: 27 JUL 2022 5:16PM by PIB Delhi

Telecom is a strategic sector. Presence of BSNL in telecom market acts as a market balancer. BSNL plays a crucial role in expansion of telecom services in rural areas, development of indigenous technology and disaster relief.

To make BSNL financially viable, the Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi today approved the revival package of BSNL amounting to Rs 1.64 Lakh Cr.

Revival measures approved by the Cabinet focus on infusing fresh capital for upgrading BSNL services, allocating spectrum, de-stressing its balance sheet, and augmenting its fiber network by merging Bharat Broadband Nigam Limited (BBNL) with BSNL.

  1. Upgrading BSNL services
  1. Administrative allotment of Spectrum: To improve existing services and provide 4G services, BSNL will be allotted Spectrum in 900/1800 MHz band administratively at the cost of Rs 44,993 Cr through equity infusion. With this spectrum, BSNL will be able to compete in the market and provide high speed data using their vast network including in rural areas.
  2. Financial support for capex: To promote indigenous technology development, BSNL is in process of deploying Atmanirbhar 4G technology stack. To meet the projected capital expenditure for next 4 years, Government will fund capex of Rs 22,471 Cr. This will be a significant boost to development and deployment of Atmanirbhar 4G stack.
  3. Viability gap funding for rural wireline operations: Despite the commercial non-viability, BSNL has been providing wireline services in rural/remote areas to meet the social objectives of the Government. Government will provide Rs 13,789 Cr to BSNL as viability gap funding for commercially unviable rural wire-line operations done during 2014-15 to 2019-20.
  4. Increase in authorized capital: The authorized capital of BSNL will be increased from Rs 40,000 Cr to Rs 1,50,000 Cr in lieu of AGR dues, provision of capex and allotment of spectrum.
  1. De-stressing BSNL balance sheet
  1. Debt structuring: Government will provide sovereign guarantee to these PSUs for raising long term loan. They will be able to raise long term bonds for an amount of Rs 40,399 Cr.  This will help restructuring existing debt and de-stressing the balance sheets.
  2. Financial support for AGR dues: To further improve the balance sheet, AGR dues of BSNL amounting to Rs 33,404 Cr will be settled by conversion into equity. Government will provide funds to BSNL for settling the AGR/GST dues.
  3. Re-issue of preference shares: BSNL will re-issue preference share of Rs 7,500 Cr to the Government.
  1. Augmenting BSNL fiber network
  2. Merger of BBNL and BSNL: To facilitate wider utilization of infrastructure laid under BharatNet, Bharat Broadband Network Ltd (BBNL) will be merged with BSNL.  The infrastructure created under BharatNet will continue to be national asset, accessible on a non-discriminatory basis to all the Telecom Service Providers.

With these measures, BSNL will be able to improve the quality of existing services, roll out 4G services and become financially viable. It is expected that with the implementation of this revival plan, BSNL will turn-around and earn profit in FY 2026-27.

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Hindi version follows:

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीएसएनएल के पुनरुद्धार के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी

Posted On: 27 JUL 2022 5:16PM by PIB Delhi

दूरसंचार एक सामरिक क्षेत्र है। दूरसंचार बाजार में बीएसएनएल बाजार संतुलक का कार्य करता हैं। बीएसएनएल ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं के विस्तार, स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास और आपदा राहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बीएसएनएल को वित्तीय रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज ₹ 1.64 लाख करोड़ रुपये के बीएसएनएल के रिवाइवल पैकेज को मंजूरी दी।

मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित पुनरुद्धार उपायों के माध्यम से भारत ब्रॉडबैंड निगम लिमिटेड (बीबीएनएल) का बीएसएनएल में विलय करके बीएसएनएल सेवाओं के उन्नयन, स्पेक्ट्रम आवंटन, इसकी बैलेंस शीट को डी-स्ट्रेस करना और इसके फाइबर नेटवर्क को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

बीएसएनएल सेवाओं का उन्नयन:

1. स्पेक्ट्रम का प्रशासनिक आवंटन: मौजूदा सेवाओं में सुधार और 4जी सेवाएं प्रदान करने के लिए, बीएसएनएल को इक्विटी निवेश द्वारा ₹ 44,993 करोड़ की लागत से 900/1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम का प्रशासनिक आवंटन किया जाएगा। इस स्पेक्ट्रम के द्वारा, बीएसएनएल बाजार में प्रतिस्पर्धा करने और ग्रामीण क्षेत्रों सहित अपने विशाल नेटवर्क का उपयोग करके हाई स्पीड डेटा प्रदान करने में सक्षम होगा।

2. कैपेक्स के लिए वित्तीय सहायता: स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने के लिए, बीएसएनएल आत्मनिर्भर 4जी प्रौद्योगिकी स्टैक लगाने की दिशा में अग्रसर है। अगले 4 वर्षों के लिए अनुमानित पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए, सरकार ₹ 22,471 करोड़ कैपेक्स फंड देगी। आत्मनिर्भर 4जी स्टैक को विकसित करने तथा लगाने से महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलेगा।

3. ग्रामीण वायरलाइन संचालन के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण: वाणिज्यिक अव्यवहार्यता के बावजूद, बीएसएनएल सरकार के सामाजिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ग्रामीण/दूरस्थ क्षेत्रों में वायरलाइन सेवाएं प्रदान कर रहा है। सरकार 2014-15 से 2019-20 के दौरान किए गए व्यावसायिक रूप से अव्यवहार्य ग्रामीण वायरलाइन संचालन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग के रूप में बीएसएनएल को ₹ 13,789 करोड़ प्रदान करेगी।

4. अधिकृत पूंजी में वृद्धि: एजीआर बकाया के निपटान, कैपेक्स के प्रावधान और स्पेक्ट्रम के आवंटन के बदले बीएसएनएल की अधिकृत पूंजी को ₹ 40,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹ 1,50,000 करोड़ किया जाएगा।

ब. बीएसएनएल की बैलेंस शीट को डी-स्ट्रेस करना:

5. ऋण पुनर्गठन: सरकार इन पीएसयू को दीर्घकालिक ऋण लेने के लिए सॉवरेन गारंटी देगी जो ₹ 40,399 करोड़ की राशि के लिए दीर्घकालिक बॉन्ड लेने में सहायक होंगे। इससे मौजूदा ऋण के पुनर्गठन और बैलेंस शीट को डी-स्ट्रेस करने में मदद मिलेगी।

6. एजीआर बकाया के लिए वित्तीय सहायता: बैलेंस शीट को और बेहतर बनाने के लिए, बीएसएनएल की ₹ 33,404 करोड़ की एजीआर बकाया राशि को इक्विटी में परिवर्तित करके चुकाया जाएगा। एजीआर/जीएसटी बकाया के निपटारे के लिए सरकार बीएसएनएल को धन उपलब्ध कराएगा।

7. प्रेफरेंस शेयरों को पुन: जारी करना: बीएसएनएल सरकार को ₹ 7,500 करोड़ के प्रेफरेंस शेयर पुन: जारी करेगा।

स. बीएसएनएल फाइबर नेटवर्क का संवर्धन:

8. बीबीएनएल और बीएसएनएल का विलय: भारतनेट के तहत निर्मित बुनियादी ढांचे के व्यापक उपयोग के लिए, भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) का बीएसएनएल में विलय किया जाएगा। भारतनेट के तहत सृजित बुनियादी ढांचा राष्ट्रीय संपत्ति बना रहेगा, जो सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए बिना भेदभाव के आधार पर उपलब्ध होगा।

इन उपायों के द्वारा, बीएसएनएल मौजूदा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने, 4जी सेवाओं को शुरू करने और वित्तीय रूप से व्यवहार्य बनने में सक्षम होगा। यह उम्मीद की जाती है कि इस रिवाइवल योजना के लागू होने के साथ, बीएसएनएल वित्त वर्ष 2026-27 में लाभ अर्जन करके टर्न अराउंड होगा।