UIDAI enrolls over 79 lakh children under Bal Aadhaar initiative in last four months

source : Press Information Bureau ,Ministry of Electronics & IT, Govt. of India

Posted On: 15 AUG 2022 4:47PM by PIB Delhi

The Unique Identification Authority has enrolled more than 79 lakh children in the 0 – 5 age group during the first four months (April – July) of the current financial year.

This is part of a renewed effort to reach out to more children in the 0-5 age group under the Bal Aadhaar initiative and help parents and children avail multiple benefits. While 2.64 crore children in the 0-5 age group had Bal Aadhaar by the end of 31 March 2022, this number has increased to 3.43 crore by the end of July 2022.

Bal Aadhaar registration is progressing very well, with increased speed across the country. Enrolments of children in the 0-5 age group in states like Himachal Pradesh and Haryana have already covered more than 70% of the targeted age group. Registration of children (0-5 age group) has also done exceedingly well in several other states and UTs including Jammu and Kashmir, Mizoram, Delhi, Andhra Pradesh and Lakshadweep.

Over all, Aadhaar saturation at present is around 94%. Aadhaar saturation among adults is almost 100%. Aadhaar is now a catalyst of both, ease of living and ease of doing business.

UIDAI and its regional offices have been constantly encouraging residents to come forward and register their children under Bal Aadhaar initiative. Bal Aadhaar works as a facilitator in availing several welfare benefits, and also works as a digital photo identity for children right from birth.

Children in the age group of 0-5 years are issued Bal Aadhaar. Collection of biometric (finger prints and iris)  is a key feature in issuing Aadhaar as the same is required to establish uniqueness based on de-duplication of these biometrics. However, for Aadhaar enrolment of children in the age group of 0-5 years, these biometrics are not collected.

Aadhaar enrolment of children in the age group of 0-5 years are carried out based on facial image of the child, and biometric authentication of the parent/guardian (having a valid Aadhaar). A proof of relationship document (preferably birth certificate) is collected at the time of enrolment for Bal Aadhaar.

To differentiate the Bal Aadhaar from normal Aadhaar, it is issued in blue colour, with a remark that this is valid till the child attains the age of 5 years. On attaining the age of 5, the child is required to furnish his or her biometrics at an Aadhaar Seva Kendra to complete a process called mandatory biometric update (MBU).

The MBU process goes through a de-duplication process. After completion of this process, the child is issued a normal Aadhaar without any change in the Aadhaar number.

यूआईडीएआई ने पिछले चार महीनों में बाल आधार पहल के तहत 79 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन किया है

Posted On: 15 AUG 2022 4:47PM by PIB Delhi

विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल- जुलाई) के दौरान 0 से 5 आयु समूह के 79 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन किया है।

यह बाल आधार पहल के तहत 0 से 5 आयु समूह के अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचने तथा माता-पिता और बच्चों को विभिन्न प्रकार के फायदों का लाभ उठाने में सहायता करने के लिए एक नए प्रयास का हिस्सा है। जहां 31 मार्च, 2022 के अंत तक 0 से 5 आयु समूह के 2.64 करोड़ बच्चों को बाल आधार प्राप्त हो चुका था, जुलाई 2022 के अंत तक यह संख्या बढ़ कर 3.43 करोड़ तक पहुंच गई है।

देश भर में बढ़ी हुई गति के साथ बाल आधार पंजीकरण बहुत अच्छी तरह से प्रगति कर रहा है। हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यो में 0 से 5 आयु समूह के बच्चों का नामांकन पहले ही लक्षित आयु समूह के 70 प्रतिशत से अधिक को कवर कर चुका है। बच्चों के पंजीकरण (0 से 5 आयु समूह) ने जम्मू एवं कश्मीर, मिजोरम, दिल्ली, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप सहित कई अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भी अत्यधिक बढ़िया प्रदर्शन किया है।

कुल मिला कर, वर्तमान में आधार संतृप्ति लगभग 94 प्रतिशत है। वयस्कों में आधार संतृप्ति लगभग 100 प्रतिशत है। आधार अब जीवन यापन में सुगमता तथा व्यवसाय करने में सुगमता दोनों में ही उत्प्रेरक यानी सहायता उपलब्ध कराने वाला बन गया है।

यूआईडीएआई और इसके क्षेत्रीय कार्यालय निरंतर निवासियों को आगे आने और बाल आधार पहल के तहत अपने बच्चों को पंजीकृत करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। बाल आधार कई प्रकार के कल्याणकारी लाभों का फायदा उठाने में सुगमकर्ता का काम करता है तथा जन्म से ही बच्चों के लिए एक डिजिटल फोटो पहचान के रूप में भी काम करता है।

0 से 5 आयु समूह के बच्चों को बाल आधार जारी किया जाता है। आधार जारी करने में बायोमीट्रिक (उंगली का निशान एवं आंख की पुतली) का संग्रह एक प्रमुख विशेषता है क्योंकि इन बायोमीट्रिक्स के डी-डुप्लीकेशन के आधार पर विशिष्टता स्थापित करने के लिए इसकी आवश्यकता होती है। बहरहाल, 0 से 5 आयु समूह के बच्चों के आधार नामांकन के लिए इन बायोमीट्रिक्स को एकत्र करने की आवश्यकता नहीं होती है।

0 से 5 आयु समूह के बच्चों का आधार नामांकन बच्चे की चेहरे की छवि और माता पिता/अभिभावक के बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण (वैध आधार होने) के आधार पर किया जाता है। बाल आधार के लिए नामांकन के समय संबंध दस्तावेज (विशेषतः) का प्रमाण एकत्र किया जाता है।

बाल आधार को सामान्य आधार से अलग करने के लिए, इस टिप्पणी के साथ कि यह तब तक वैध है जब तक बच्चा पांच वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेता, इसे नीले रंग में जारी किया जाता है। पांच वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के बाद, बच्चे को अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट (एमबीयू) नामक एक प्रक्रिया को पूरी करने के लिए एक आधार सेवा केंद्र में अपना बायोमीट्रिक्स प्रस्तुत करना आवश्यक है।

एमबीयू प्रक्रिया एक डी-डुप्लीकेशन प्रक्रिया के माध्यम से पूरी होती है। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद, बच्चे को आधार संख्या में बिना किसी बदलाव के सामान्य आधार जारी किया जाता है।  

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